नालसा, नई दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में चल रहे “मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0” अभियान के तहत सोमवार को एक महत्वपूर्ण पारिवारिक विवाद का सफलतापूर्वक समाधान कराया गया।
पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सह कुटुंब न्यायालय में लंबित ओरिजिनल सूट संख्या 140/2025 (मोजामूल अंसारी बनाम जमेला बीबी) में वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच सुलह समझौता हो गया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के अथक प्रयास से दंपती के बीच चल रहे आपसी मतभेद समाप्त हुए। दोनों पक्षों ने पुराने विवाद भुलाकर दोबारा साथ रहने और भविष्य में आपसी समझ के साथ गृहस्थ जीवन बिताने का संकल्प लिया। दोनों ने एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहने का भरोसा दिया। इस सफल मध्यस्थता में जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संबंधित दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के सहयोग से टूटता परिवार फिर से जुड़ सका और घर में खुशियां लौट आईं। मौके पर प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दंपती को आपसी समझ, संयम और परिवार के साथ मिलजुल कर जीवन जीने का संदेश दिया। इस दौरान दंपती के परिजन, दोनों पक्षों के अधिवक्ता मो. सलीम एवं राजाधन किस्कू सहित न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे।





