डीसी बोले- अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला तो होगी सख्त कार्रवाई।
पाकुड़। जिले में निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली पर अब सख्ती शुरू हो गई है। उपायुक्त मनीष कुमार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और निजी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी हालत में अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाए।
बैठक में डीसी ने साफ कहा कि एनुअल चार्ज, एरियर, एडमिशन फीस या अन्य किसी भी नाम पर अवैध वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित है। नए नामांकन के दौरान भी फीस में अनुचित वृद्धि नहीं की जा सकती। यदि इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने अभिभावकों से अपील की कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी सीधे जिला शिक्षा कार्यालय या प्रशासन को दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्कूल सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
डीसी ने बताया कि जिले में गठित शुल्क निर्धारण समिति की बैठक में ही स्कूलों की फीस तय होगी और उसी के आधार पर निर्णय लागू किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि मनमानी फीस वृद्धि किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






