प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़): प्रखंड के लब्दाघाटी मौजा में रविवार को आदिवासी समाज के गौरव अमर शहीद जावरा पहाड़िया उर्फ तिलका मांझी की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। कार्यक्रम में प्रधान देवा पहाड़िया की उपस्थिति रही, जबकि पहाड़िया नेता शिवचरण मालतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर शिवचरण मालतो ने कहा कि तिलका मांझी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लंबी और साहसिक लड़ाई लड़ी, जिसे इतिहास हमेशा सम्मान के साथ याद करता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के इस महान वीर का नाम विश्व के संघर्षशील नायकों में सम्मानपूर्वक दर्ज है। उनके अनुसार सन 1750 के आसपास जन्मे तिलका मांझी ने सिंगारसी पहाड़ क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ मजबूत प्रतिरोध किया और उन्हें यहां से खदेड़ने का कार्य किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि अंग्रेजों ने धोखे से तिलका मांझी को गिरफ्तार किया और उन्हें भागलपुर ले जाकर कठोर यातनाएं दीं। 13 जनवरी 1785 को भागलपुर में बरगद के पेड़ पर फांसी देकर उन्हें शहीद कर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और आदिवासी समाज अपने इस महान नायक को अपना मार्गदर्शक मानता है। इस दौरान यह भी बताया गया कि गांव-गांव में तिलका मांझी की प्रतिमा स्थापित कर उनकी वीरता और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में आदिवासी समाज ने यह भी मांग उठाई कि 11 फरवरी को तिलका मांझी जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित किया जाए, साथ ही 13 जनवरी को उनके शहादत दिवस पर भी अवकाश की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इसे मान्यता नहीं मिली है, जिससे समाज में निराशा है। इस मौके पर रामकुमार पहाड़िया (पूर्व सैनिक), शबैजनाथ पहाड़िया (सेवानिवृत्त समाजसेवी एवं मुख्य सलाहकार), सरदार मारकुस मालतो, सरदार धर्मराज पहाड़िया, डेनियल पहाड़िया, मैसा पहाड़िया, नायब विनय मालतो, प्रधान निजरी पहाड़िया, तैमूर अंसारी सहित बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।






