पाकुड़। जिले की सड़कों पर खुलेआम घूम रहे मवेशियों से बढ़ते सड़क हादसों को लेकर राष्ट्रीय संगठन रामभक्त सेवा दल ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रीतम सिंह यादव ने उपायुक्त मेघा भारद्वाज को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि जिले के कई क्षेत्रों में पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं। दिनभर इधर-उधर घूमने वाले ये पशु शाम ढलते ही मुख्य सड़कों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा शहर के प्रमुख मार्गों पर बैठ जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्रीतम सिंह यादव ने बताया कि रात के समय सड़क पर बैठे पशु वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं या आपस में भिड़ जाते हैं, जिससे चालक संतुलन खो बैठते हैं। इसके कारण न केवल गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है, बल्कि कई स्थानों पर जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि लापरवाह पशुपालकों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही नगर परिषद, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर सड़कों से आवारा पशुओं को हटाया जाए। पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने तथा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टिव (प्रतिबिंबित) पट्टियां लगाने की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है, ताकि रात के समय उनकी पहचान आसानी से हो सके। प्रीतम सिंह यादव ने कहा कि यह केवल पशुओं का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और सड़क व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।








