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October 23, 2026 9:56 pm

नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई, जयकारों से गूंजे शहर और गांव

आसचे बछर आबार हबे’ के उद्घोष के बीच निकले विसर्जन जुलूस, गाजे-बाजे के साथ मां को दी विदाई; सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ दुर्गोत्सव।

पाकुड़। ढोल-नगाड़ों की गूंज, मां दुर्गा के जयकारे और विदाई के वक्त छलकती आंखें… शुक्रवार को पाकुड़ जिले में दुर्गोत्सव का समापन श्रद्धा, उल्लास और भावुकता के बीच हुआ। शहर से लेकर गांवों तक मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बना। कहीं गाजे-बाजे के साथ विसर्जन जुलूस निकला, तो कहीं ‘जय माता दी’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा। मां को विदाई देते समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। वहीं, पश्चिम बंगाल की संस्कृति से जुड़ा ‘आसचे बछर आबार हबे’ यानी अगले साल फिर मां आएंगी का उद्घोष भी गूंजता रहा। पाकुड़ नगर क्षेत्र में तांतीपाड़ा पूजा समिति और श्री श्री सरस्वती पुस्तकालय सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन गाजे-बाजे के साथ किया गया। विसर्जन यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने मां के अंतिम दर्शन कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। विदाई के क्षणों में भक्तों के चेहरे पर उत्साह के साथ मां से बिछड़ने की भावुकता भी साफ नजर आई।

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महेशपुर से तालपहाड़ी तक उमड़ा श्रद्धा का सैलाब।

महेशपुर बाजार सहित रामपुर, पलसा, भेटटोला, बलियापतरा, रोलाग्राम और शहरग्राम समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। गाजे-बाजे और जयकारों के बीच निकले जुलूस में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। डीजे की धुन पर थिरकते भक्तों के बीच मां दुर्गा के जयकारे गूंजते रहे। वहीं, लिट्टीपाड़ा प्रखंड के तालपहाड़ी में भी ढोल-नगाड़ों और ‘जय माता दी’ के उद्घोष के बीच मां की प्रतिमा को विदाई दी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। प्रतिमा विसर्जन के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में दुर्गापूजा उत्सव संपन्न हो गया।

सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा विसर्जन।

प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। महेशपुर में एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग और रोशनी की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन, पुलिस और पूजा समितियों के समन्वय से विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जिले में विजयादशमी से ही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी था।

विदाई के साथ अगले साल का इंतजार।

मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही पूजा पंडालों की रौनक विदाई लेने लगी, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह बरकरार रहा। भक्तों ने मां से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। मां की विदाई के बीच एक ही भावना हर ओर दिखाई दी—मां अगले साल फिर आएंगी और खुशियों से सबकी झोली भरेंगी। इसी उम्मीद के साथ श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी।

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