Search

March 13, 2026 10:56 am

कोयला कंपनियों के खिलाफ सीपीएम का बिगुल… 16 से 31 अगस्त तक मुद्दों की पहचान।

1 से 15 सितंबर तक प्रखंड कार्यालयों पर होगा घेराव

पाकुड़ जिले में कोयला खनन और परिवहन से उत्पन्न प्रदूषण, खेती की बर्बादी और दुर्घटनाओं के खिलाफ सीपीएम ने व्यापक आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने 16 से 31 अगस्त तक स्थानीय ज्वलंत मुद्दों की पहचान करने और 1 से 15 सितंबर के बीच सभी प्रखंड कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया है।
सीपीएम का आरोप है कि अमरापाड़ा के पचुआड़ा कोल ब्लॉक सहित अन्य क्षेत्रों में कोयला कंपनियां संताल परगना काश्तकारी कानून का उल्लंघन करते हुए स्थानीय दलालों के जरिए आदिवासियों और गरीब किसानों की जमीन हड़प रही हैं। कंपनियों द्वारा एमओयू में किए गए वादे केवल कागजों तक सीमित हैं।
बैठक में बताया गया कि खुले कोयला खानों से डंपर और हाइवा वाहनों द्वारा कोयला ढोने से भारी मात्रा में धूल फैल रही है, जिससे प्रदूषण बढ़ा है, खेती बर्बाद हो रही है और श्वांस रोगों के मामले बढ़ रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। अनियंत्रित भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। इस मुद्दे पर पाकुड़ जिला सचिवमंडल की विस्तारित बैठक में राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, किसान सभा के महासचिव सुरजीत सिन्हा, जिला सचिव गोपीन सोरेन समेत कई जनसंगठन प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता प्रो. शिबानी पाल ने की। बैठक के पूर्व दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर