मलय नदी तट पर मकर संक्रांति मेला बना सामाजिक एकता का प्रतीक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
संजय कुमार गुप्ता
पांकी / पलामू
पांकी विधानसभा क्षेत्र के मलय नदी के पावन तट पर मकर संक्रांति के अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पारंपरिक मेले का भव्य आयोजन किया गया। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय माहौल में डूबा नजर आया।
मेले का विधिवत उद्घाटन पांकी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक देवेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक मेले हमारी लोक परंपराओं को जीवंत रखने का सशक्त माध्यम हैं। यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करता है।
पूर्व विधायक ने कहा कि मेला केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है। मलय नदी तट पर लगने वाला यह मेला अब क्षेत्र की पहचान बन चुका है और हर वर्ष लोगों में नई ऊर्जा का संचार करता है।
मेले के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। भोजपुरी के प्रसिद्ध कलाकार ओम प्रकाश अकेला एवं निशा गुप्ता ने अपनी टीम के साथ शानदार प्रस्तुतियां दीं। उनकी सुमधुर गायकी और मनमोहक कार्यक्रमों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। भोजपुरी गीतों पर तालियों की गूंज से पूरा मेला स्थल गूंज उठा।
मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष सह समाजसेवी अनूप जायसवाल ने सफल आयोजन पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह मेला आपसी मेलजोल का प्रमुख केंद्र है। विभिन्न वर्गों के लोग यहां एक साथ आकर सौहार्द और एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेले में पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी, जिससे मेला शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कुल मिलाकर मकर संक्रांति के इस पारंपरिक मेले ने एक बार फिर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं को जीवंत करते हुए यादगार छाप छोड़ी।










