2–2.5 फीट नींव, कमजोर सामग्री से ढलाई; ग्रामीण बोले—कभी भी हो सकता है हादसा।
पाकुड़। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ग्राम एवं पंचायत स्थित मनीरामपुर में 15वें वित्त आयोग (स्वास्थ्य मद) से बन रहे स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। करीब 55.46 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस स्वास्थ्य केंद्र की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पोखर की दलदली जमीन पर किया जा रहा है, जो पूरी तरह असुरक्षित है। आरोप है कि संवेदक द्वारा बिना उचित भूमि सुधार के ही निर्माण शुरू कर दिया गया। नींव की खुदाई मात्र 2 से 2.5 फीट तक ही की गई है, जो मानकों के विपरीत बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण में पतले सरिया, अधिक बालू, कम सीमेंट और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पिलर की ढलाई भी बेहद कमजोर तरीके से की गई है, जिससे भविष्य में भवन के गिरने का खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि इस योजना का शिलान्यास पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक निशात आलम, राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय कुमार हाँसदा, जिला परिषद अध्यक्ष जुली ख्रिष्टमणि हेम्ब्रम, उपाध्यक्ष अशोक कुमार भगत समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया गया था। योजना का उद्देश्य गांव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में ही इस स्थान का विरोध किया था, लेकिन संवेदक ने यह कहकर काम जारी रखा कि यही जमीन स्वीकृत है। आरोप है कि दलदल हटाने या जमीन को मजबूत करने का कोई प्रयास नहीं किया गया और सीधे उसी पर निर्माण शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो यह स्वास्थ्य केंद्र भविष्य में जान-माल के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लाखों रुपये की इस योजना में गुणवत्ता से समझौता कर ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है?









