पाकुड़। कामेश्वर दास ने झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को आम जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बताते हुए इसे पूरी तरह निराशाजनक और दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट वित्तीय प्रबंधन की विफलता का दस्तावेज़ है, जिसमें न तो राजस्व सृजन की कोई स्पष्ट रणनीति दिखती है और न ही राज्य के विकास की ठोस दिशा।
कामेश्वर दास ने बजट की प्रमुख कमियों को गिनाते हुए कहा कि इसमें बेरोजगार युवाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। युवा सशक्तिकरण के नाम पर भी सरकार खाली हाथ नजर आती है। छात्रों के लिए न तो नई छात्रवृत्तियों की घोषणा की गई है और न ही उनके लिए नए अवसरों की बात की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुबंधकर्मियों के भविष्य पर सरकार पूरी तरह चुप है। किसानों के लिए किसी तरह की विशेष राहत या सहायता की घोषणा नहीं की गई, जबकि महिलाएं, वृद्धजन और दिव्यांगजन भी इस बजट में उपेक्षित रहे। पेंशन में किसी भी प्रकार की वृद्धि न होना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। प्रदेश मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के भविष्य के साथ अन्याय है और जनता आने वाले समय में इसका जवाब अवश्य देगी।





