मंदिरों में सजावट और प्रतिमा निर्माण अंतिम चरण में, 26 को अष्टमी व 27 मार्च को रामनवमी पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा
पाकुड़। शक्ति की उपासना का पावन पर्व चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 19 मार्च से शुरू होगा। इसे लेकर पाकुड़ शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल है। शहर के विभिन्न मंदिरों और पूजा स्थलों में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और आकर्षक लाइटिंग का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, वहीं पूजा पंडालों को भी भव्य रूप दिया जा रहा है। मंदिरों के कायाकल्प और सजावट में विक्की सरकार, राम सरदार और मंटू साहा सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। दूसरी ओर, मालदा से आए मूर्तिकार जीवन चौधरी मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं। प्रतिमाओं के निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही उन्हें पूजा स्थलों पर स्थापित किया जाएगा। इधर नवरात्रि को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। पूजा सामग्री, फल-फूल, चुनरी, नारियल और कलश से जुड़ी सामग्री की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 19 मार्च को घटस्थापना (कलश स्थापना) के दो प्रमुख शुभ मुहूर्त निर्धारित हैं—
प्रातःकाल: 06:52 बजे से 07:43 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:47 बजे से 12:36 बजे तक
इन मुहूर्तों में विधि-विधान से कलश स्थापना कर नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी।
अष्टमी और रामनवमी पर विशेष आयोजन
पंचांग के अनुसार 26 मार्च को दुर्गा अष्टमी (महागौरी पूजन) मनाया जाएगा, जबकि 27 मार्च को रामनवमी का महापर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। रामनवमी के अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकालने की तैयारी की जा रही है। इसे लेकर पूजा समितियां और जिला प्रशासन सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।








