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January 14, 2026 3:24 am

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ने दीपक को बनाया सफल डेयरी उद्यमी।

पाकुड़ | महेशपुर, प्रखंड के सिमपुर गांव के दीपक कुमार सिंह ने पशुपालन को सफल व्यवसाय में बदलकर यह साबित कर दिया है कि सही योजना और मेहनत से ग्रामीण क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता संभव है। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से जुड़कर उन्होंने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। दीपक कुमार सिंह को बचपन से ही पशुपालन में रुचि रही है। उनके पिता वीरेंद्र प्रताप सिंह और माता विमला देवी पहले से देसी गायों का पालन करते थे। पारिवारिक अनुभव को आधार बनाकर दीपक ने आधुनिक तकनीक और उन्नत नस्लों के साथ पशुपालन को आगे बढ़ाया। उन्होंने अपने फार्म में देसी के साथ-साथ विदेशी नस्ल की गायों को भी शामिल किया। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत गव्य विकास योजना से उन्हें 10 गायों का लाभ मिला। वर्तमान में उनके फार्म में गिर, साहिवाल, थारपारकर, गिरोलैंडो, जर्सी और फ्रीजियन जैसी उन्नत नस्ल की गायें हैं। बेहतर नस्ल और वैज्ञानिक देखभाल का असर दुग्ध उत्पादन पर साफ दिख रहा है। दीपक कुमार सिंह के फार्म से रोजाना 100 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है। उत्पादन बढ़ाने के लिए वे हरियाणा से उन्नत बीर्य मंगवाकर कृत्रिम गर्भाधान करा रहे हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए वे भविष्य में डेयरी फार्म को और विस्तार देने तथा पैकेट दूध बिक्री शुरू करने की तैयारी में हैं। अपनी सफलता के बाद दीपक कुमार सिंह अब क्षेत्र के अन्य पशुपालकों को भी सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि पशुपालन ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और आय का मजबूत साधन बन सकता है। दीपक कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के साथ जिला गव्य विकास पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, गव्य नोडल पदाधिकारी, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. कलीमुद्दीन अंसारी और भ्रमणशील पशु चिकित्सक डॉ. मन्नू जायसवाल को दिया है। यह सफलता कहानी दिखाती है कि सरकारी योजनाएं जमीन पर उतरें तो गांव का युवा भी अपनी पहचान बना सकता है।

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