15 फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा, 16 फरवरी को यज्ञ का समापन
मनातू/पलामू | संजय कुमार
मनातू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गढ़वट में 10 फरवरी से आयोजित रूद्र महायज्ञ सह शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरे इलाके में भक्तिमय वातावरण व्याप्त है। धार्मिक आस्था और श्रद्धा से ओतप्रोत इस आयोजन में आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन भाग ले रहे हैं। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज रहा है।
रविवार को आयोजित नगर भ्रमण में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु गाजे-बाजे, भगवा ध्वज और भगवान शिव के जयकारों के साथ गांव एवं बाजार क्षेत्र का भ्रमण करते नजर आए। नगर भ्रमण के उपरांत नव-निर्मित शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गईं, जहां 15 फरवरी को भगवान शिव विधि-विधान से विराजमान होंगे।
यह भव्य यज्ञ श्री-श्री 1008 श्री नृत्य गोपाल दास के कृपा पात्र शिष्य श्री-श्री 108 श्री महंत रविन्द्र नाथ पाण्डेय के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से पधारे विद्वान संत एवं प्रवचनकर्ता श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और मानव कल्याण का संदेश दे रहे हैं।
प्रवचन करने वालों में बनारस के यज्ञाचार्य, अयोध्या धाम के पंकज रामायणी, वृन्दावन धाम के जय पाठक ‘मानस कोकिला’, बक्सर (बिहार) के रोहित शास्त्री तथा वृन्दावन के रघुवीर जी महाराज शामिल हैं। सभी संत अपने अमृतमय प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं।
धार्मिक संदेश
अपने प्रवचनों में संतों ने कहा कि भगवान शिव केवल देवता नहीं, बल्कि जीवन के संतुलन के प्रतीक हैं। शिव त्याग, तपस्या, करुणा और सृष्टि संरक्षण का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और शांति स्थापित करने का सशक्त माध्यम है।
संतों ने यह भी कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है, मन को शांति मिलती है और समाज में एकता की भावना सुदृढ़ होती है। लोगों से नशा, हिंसा और बुरे कर्मों से दूर रहकर सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
यज्ञ को सफल बनाने में पंचायत के मुखिया बंधु भुइयाँ, यज्ञ समिति के अध्यक्ष गणेश महतो, सचिव शिवकुमार महतो तथा कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह सहित समिति के सभी सदस्य दिन-रात सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजन समिति के अनुसार 16 फरवरी को पूर्णाहुति एवं भव्य भंडारे के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।







