पाकुड़। खदान पाड़ा स्थित रुद्रनगर में आयोजित श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ अपने समापन की ओर बढ़ते ही श्रद्धा और आस्था का विराट रूप ले चुका है। 17वीं बार आयोजित इस सात दिवसीय महारुद्र यज्ञ में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को सुबह से ही हवन कुंड की परिक्रमा और आहुति देने को लेकर यज्ञ स्थल पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ के धार्मिक अनुष्ठानों से पूरे शहर में आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त है। यज्ञ स्थल पर विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं। 24 जनवरी से शुरू हुआ यह महारुद्र यज्ञ 1 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। सुबह से शाम तक श्रद्धालु यज्ञ स्थल की परिक्रमा, हवन कुंड में आहुति और देवी-देवताओं की पूजा में जुटे रहे। वैदिक मंत्रोच्चारण और शंखनाद से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। दूर-दराज के गांवों से ग्रामीणों का आगमन लगातार जारी है। हवन कुंड से उठता धुआं और मंत्रों की गूंज श्रद्धालुओं के बीच वातावरण शुद्ध होने की अनुभूति करा रही है। हरिनाम संकीर्तन और प्रवचनों का क्रम भी जारी है। खासकर युवक-युवतियां, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे उत्साहपूर्वक हवन कुंड की फेरी लगाते नजर आ रहे हैं। भीड़ अधिक होने के कारण श्रद्धालुओं को आहुति और परिक्रमा के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। यज्ञ के साथ-साथ भंडारे का भी भव्य आयोजन किया गया है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।







