विश्व यक्ष्मा दिवस पर बड़ा आयोजन, मरीजों को पोषण किट, जागरूकता रथ को हरी झंडी।
पाकुड़। विश्व यक्ष्मा दिवस के मौके पर मंगलवार को सदर अस्पताल सोनाजोड़ी में आयोजित कार्यक्रम में जिले ने टीबी के खिलाफ मजबूत कदम बढ़ाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की, जहां पाकुड़ प्रखंड की 18 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया और उनके मुखियाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के.के. सिंह और डॉ. अमित कुमार मौजूद रहे। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि निक्षय मित्रों की भागीदारी से टीबी मुक्त भारत का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने “YES! WE CAN END TB” थीम को जनभागीदारी का अभियान बताते हुए कहा कि टीबी से डरने की नहीं, बल्कि समय पर जांच और नियमित इलाज से इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि लगातार खांसी, बुखार, बलगम या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं। सरकार द्वारा मरीजों को हर महीने ₹500 की पोषण सहायता भी दी जा रही है, जिससे इलाज में मदद मिलती है। सिविल सर्जन डॉ. मिश्रा ने कहा कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, बस मरीज को समय पर जांच और दवा का पूरा कोर्स करना जरूरी है। सरकारी अस्पतालों में इसकी जांच और इलाज मुफ्त उपलब्ध है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरित की और सभी को टीबी उन्मूलन की शपथ दिलाई। जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी कार्यक्रम के बाद उपायुक्त और सिविल सर्जन ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता रथ को रवाना किया। यह रथ जिले के गांव-गांव जाकर लोगों को टीबी के लक्षण, जांच और इलाज के बारे में जागरूक करेगा।







