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October 11, 2026 11:52 am

एससी-एसटी अत्याचार मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं, उपायुक्त ने दिए त्वरित न्याय और राहत भुगतान के निर्देश।

पाकुड़। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1995 के अंतर्गत प्राप्त मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पीड़ितों को निर्धारित राहत राशि शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों को सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और न्याय प्रदान करना है। इसलिए प्रशासनिक स्तर पर ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। उपायुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्राथमिक जांच में किसी प्रकार की देरी न हो और प्रत्येक मामले में कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी मामलों में समय-सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए, ताकि न्याय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि समाज के कमजोर तबकों को सुरक्षा और सम्मान देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी जिम्मेदारी, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

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