पाकुड़। व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में गुरुवार को ई-कोर्ट्स कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे के दिशा-निर्देश पर किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से सुदृढ़ करना और अधिवक्ताओं व न्यायिक कर्मियों को ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समेत अन्य ऑनलाइन सेवाओं के उपयोग में दक्ष बनाना था। कार्यक्रम की शुरुआत ओरिएंटेशन सत्र से हुई, जिसमें ई-कोर्ट्स परियोजना का परिचय दिया गया और दस्तावेजों की स्कैनिंग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद ई-फाइलिंग प्रक्रिया, पोर्टल के फीचर्स, पंजीकरण और केस फाइलिंग से संबंधित तकनीकी जानकारियां दी गईं। मास्टर ट्रेनर अधिवक्ता कौसर आलम अंसारी और अधिवक्ता दीनानाथ गोस्वामी ने प्रशिक्षण का नेतृत्व करते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी दी। वहीं सिस्टम असिस्टेंट नगमा प्रवीण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली और ई-कोर्ट्स के तकनीकी संचालन की जानकारी दी। सिविल कोर्ट के ट्रेनर चमन आलोक ने इलेक्ट्रॉनिक केस मैनेजमेंट सेवाओं और डिजिटल टूल्स के उपयोग पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
दोपहर बाद के सत्रों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य डिजिटल सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया।
कार्यक्रम में न्यायालय के अधिकारी, अधिवक्ता और न्यायिक कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण न्यायिक व्यवस्था को पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।






