पाकुड़: झारखंड अग्निशमन सेवा के तत्वावधान में सोमवार को समशेरा स्थित अब्राहम्स एकेडमी में एक दिवसीय अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आग लगने जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित रहने और त्वरित बचाव के उपायों की जानकारी देना था।अग्निशमन पदाधिकारी अजय कुमार सिंह और हवलदार नरेंद्र नाथ उरांव की देखरेख में आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में टीम ने छात्रों को व्यवहारिक रूप से समझाया कि आग लगने पर घबराने के बजाय किस तरह व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित स्थान तक पहुँचना चाहिए। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षित निकासी (इवैक्युएशन) की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास भी कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों में अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन अनिवार्य है। प्रत्येक मंजिल, प्रयोगशाला और रसोईघर के पास पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर होने चाहिए और उनकी नियमित सर्विसिंग जरूरी है। इसके साथ ही स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म सिस्टम की उपलब्धता को भी आवश्यक बताया गया, ताकि किसी भी खतरे की सूचना समय रहते मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुले और बाधारहित होने चाहिए तथा स्पष्ट संकेतक लगे होने चाहिए, जिससे अफरातफरी की स्थिति से बचा जा सके। साथ ही भवन में स्प्रिंकलर सिस्टम, तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) और बिजली व्यवस्था की नियमित जांच भी जरूरी है। प्रयोगशालाओं में ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई।
अग्निशमन कर्मियों ने कहा कि साल में कम से कम दो बार मॉक ड्रिल कराने से छात्रों और स्टाफ का आत्मविश्वास बढ़ता है और आपात स्थिति में बेहतर प्रतिक्रिया संभव होती है।
कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन और शिक्षकगण सक्रिय रूप से शामिल रहे। अंत में “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” के संदेश के साथ सभी को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई।






