स्कूल में तोड़फोड़, पुलिस पर हमला, पुलिस जवान घायल।
पाकुड़: स्कूल बस की टक्कर से युवक की मौत के बाद पाकुड़ शहर में हुए उग्र प्रदर्शन, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले के मामले में अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। घटना के अगले ही दिन पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मृतक के प्रति पुलिस प्रशासन की पूरी संवेदना है, लेकिन इस दुखद घटना की आड़ में शहर की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने और हिंसा फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की सूक्ष्म जांच की जा रही है। उपद्रव, पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी में शामिल लोगों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। चिन्हित सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि जिन तत्वों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में पाकुड़ शहर को अस्थिर करने का प्रयास किया है, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है और आम नागरिकों में भय का माहौल बनाया है, उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज होगा। पुलिस ऐसे लोगों को किसी भी हाल में बख्शने के मूड में नहीं है।
स्कूल और पुलिस को बनाया गया निशाना
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटनाक्रम के दौरान स्कूल परिसर में तोड़फोड़ की गई, जिससे शैक्षणिक वातावरण को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवानों और चौकीदारों पर पथराव कर हमला किया गया। हिंसक झड़पों में दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज कराया गया है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।एसपी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिस संयम के साथ काम कर रही थी, लेकिन जब उपद्रवियों द्वारा लगातार हमले किए गए, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
कानून व्यवस्था से समझौता नहीं
एसपी निधि द्विवेदी ने दो टूक कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है। उन्होंने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।पुलिस प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो सकता है। पूरे घटनाक्रम पर जिला प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है, ताकि शहर में दोबारा किसी तरह की अशांति न फैल सके।






