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February 22, 2026 3:14 am

पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर, ‘न्याय हर घर तक’ का दिया संदेश।

राजकुमार भगत

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण रांची के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में शुक्रवार को पाकुड़ प्रखंड के कुमारपुर पंचायत भवन में न्याय हर घर तक, न्याय सबके लिए अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश एवं सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
शिविर में जागृति योजना, संवाद योजना, डॉन योजना एवं आशा योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मोहम्मद नुकुमुद्दीन शेख ने बताया कि जागृति योजना के तहत समाज के कमजोर एवं वंचित वर्ग को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की किरण पहुंच सके। उन्होंने लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
एलएडीसीएस के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास ने संवाद योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से हासिए पर पड़े कमजोर आदिवासी एवं विमुक्त-घुमंतू जनजातियों को सशक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही नशा मुक्त भारत के लिए संचालित डॉन योजना के उद्देश्यों और लाभों से भी ग्रामीणों को अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में पीसीआई यूनिसेफ के जिला कार्यक्रम समन्वयक मोहम्मद अनीस ने बाल विवाह की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि National Family Health Survey (NFHS-5) के अनुसार झारखंड में बाल विवाह की स्थिति गंभीर है। सर्वे के मुताबिक पाकुड़ जिला राज्य में पांचवें स्थान पर है, जहां लगभग 44 प्रतिशत बाल विवाह के मामले पाए गए हैं। उन्होंने बाल विवाह के कारणों—गरीबी, अशिक्षा, सामाजिक दबाव, कम उम्र में पढ़ाई छोड़ना और सामाजिक भय—पर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत आठवीं कक्षा से 18-19 वर्ष की आयु तक बालिकाओं को कुल 70 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, ताकि वे शिक्षा जारी रख सकें। इसके अलावा 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद विवाह करने पर कन्यादान योजना का लाभ भी दिया जाता है। शिविर में मदरसा सिराजुल उलूम की छात्रा नफीसा खातून एवं सुरैया खातून ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड. एच. विश्वास ने किया। इस अवसर पर कुमारपुर पंचायत सचिव सुनील कुमार, एनजीओ कार्यकर्ता, पैरा लीगल वॉलंटियर्स, वार्ड सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
अंत में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं, बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।

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