पाकुड़। शहरकोल गांव में गुरुवार को हिंदू समन्वय समिति के तत्वावधान में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में शहरकोल सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा और हरिनाम कीर्तन से हुई, जबकि शिव महामंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंचीय कार्यक्रम के दौरान स्थानीय बच्चों ने भक्ति गीतों पर आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने सराहा। सम्मेलन में शर्मिला रजक, प्रिया देवी, रामजय मंडल और मुकेश कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। शर्मिला रजक ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि हिंदू समाज को जातियों में बांटकर ही देश को कमजोर किया गया। उन्होंने जातिगत भेदभाव को समाप्त करने का आह्वान करते हुए नारा दिया— जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई। मुकेश कुमार ने सनातन संस्कृति को विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति बताते हुए राष्ट्र रक्षा और सामाजिक चेतना की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
रामजय मंडल ने समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चिंता जताई और कहा कि आदिवासी महिलाओं से विवाह कर भूमि कब्जाने जैसे षड्यंत्रों के प्रति समाज को सजग और संगठित रहना होगा। प्रिया देवी ने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि मां ही बच्चे की पहली गुरु होती है और सशक्त महिलाएं ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती हैं।
सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज के समक्ष पांच प्रण रखे, जिन पर अमल करने का आह्वान किया गया—
- पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति की रक्षा के लिए ठोस कदम।
- नागरिक कर्तव्य: अपने नागरिक धर्म का ईमानदारी से पालन।
- स्वदेशी: भारतीय वस्तुओं का अधिकाधिक उपयोग।
- सामाजिक समरसता: समाज के हर वर्ग के साथ एकजुटता।
- परिवार प्रबोधन: संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना।
मुकेश कुमार ने बताया कि अब तक पाकुड़ ग्रामीण क्षेत्र के पांच मंडलों में विराट हिंदू सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।







