12 मार्च से जिले के 250 से अधिक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे
पाकुड़। मानदेय भुगतान और सेवा स्थायीकरण की मांग को लेकर जिले के मनरेगा कर्मियों का आंदोलन तेज हो गया है। समाहरणालय के समीप मनरेगा कर्मियों ने सोमवार से सांकेतिक धरना प्रदर्शन शुरू किया था, जो बुधवार को तीसरे दिन समाप्त हो गया। कर्मियों का आरोप है कि धरना के दौरान उनसे मिलने कोई भी अधिकारी या पदाधिकारी नहीं पहुंचे। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में लंबित मानदेय का भुगतान, सेवा का स्थायीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ शामिल है। कर्मियों का कहना है कि पिछले आठ महीनों से उन्हें मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है और त्योहार भी फीके गुजर गए। कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासनों और हुए समझौतों को अब तक लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा बिना सुरक्षा के चेक पोस्ट और दंडाधिकारी जैसे कार्यों में ड्यूटी लगाने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 12 मार्च से जिले के 250 से अधिक मनरेगा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के उदासीन रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मौजूदा हालात में उनकी स्थिति बंधुआ मजदूरों जैसी हो गई है।
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