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March 17, 2026 7:00 pm

सरना धर्म कोड लागू होने तक जातिगत जनगणना का विरोध जारी रहेगा: नगर कमेटी पाकुड़

27 मई को जिला स्तरीय धरना को सफल बनाने की बनी रणनीति

पाकुड़: झारखंड में सरना धर्म कोड की मांग को लेकर जनआंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर कमेटी पाकुड़ की एक विशेष बैठक हरीणडंगा बाजार स्थित मंसूरी टोला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह ने की। बैठक में आगामी 27 मई को जिला मुख्यालय पर आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। तय किया गया कि नगर कमेटी पाकुड़ के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे और कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप देंगे। नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा कि जब तक झारखंड में सरना धर्म कोड को आधिकारिक मान्यता नहीं दी जाती, तब तक केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना को लागू नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की पहचान सरना धर्म से जुड़ी हुई है, और जनगणना के दौरान धर्म कॉलम में आदिवासियों के लिए अलग पहचान नहीं होने से समुदाय को सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से नुकसान पहुंचता है। मुकेश सिंह ने कहा, “सरना धर्म कोड सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता और अस्तित्व का सवाल है। जब तक इसे मान्यता नहीं मिलती, तब तक हम जातिगत जनगणना का पुरजोर विरोध करते रहेंगे।” बैठक में नगर सचिव नूर आलम, नगर उपाध्यक्ष रियाज अंसारी, वरिष्ठ नेता इस्माइल हक, आफताब आलम, कमल रावत, राजेश यादव, हंजेला अंसारी, शाहनवाज इकबाल, वीरू घोष, असगर अली, बिपलब प्रमाणिक, शमीम अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एकमत से निर्णय लिया कि 27 मई को होने वाले धरना-प्रदर्शन में भारी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। नगर अध्यक्ष ने अंत में नगरवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में 27 मई को जिला मुख्यालय पहुंचकर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनें और सरना धर्म कोड की मांग को बुलंदी तक पहुंचाएं।

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