ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस,नियम तोड़ने पर नहीं मिलेगी रियायत: डीटीओ
पाकुड़ जिले में बढ़ते ओवरलोड वाहनों की समस्या पर अब प्रशासन सख्त मोड में आ गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि ओवरलोड ट्रकों पर रोक लगाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि वास्तविक धरातल पर दिखेगी और आने वाले दिनों में जिले की सड़कों पर इसका असर साफ दिखाई देगा।डीटीओ चौधरी के अनुसार, जिला परिवहन विभाग, एसडीओ और एसडीपीओ के नेतृत्व में एक संयुक्त विशेष टीम जो दिन और रात दोनों समय चेकिंग अभियान चलाएगी। विशेषकर वे इलाके जहां खनन गतिविधियां अधिक हैं, वहां निगरानी और कड़ी की जाएगी। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग न केवल सड़क संरचना को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि बड़ी दुर्घटनाओं का भी प्रमुख कारण बनती है।डीटीओ ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं और कई बार पकड़े गए ओवरलोड वाहनों को संबंधित थाने को सौंपकर कार्रवाई में सहयोग भी किया गया है। लेकिन अब यह अभियान औपचारिकता नहीं रहेगा, बल्कि लगातार और तेज गति से संचालित होगा।उन्होंने कहा कि जिले में बढ़ते खनन परिवहन के बीच कुछ ट्रक मालिकों एवं चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी की जा रही थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। ओवरलोड पकड़े जाने पर कड़ी जुर्माना कार्रवाई के साथ-साथ वाहन जब्ती भी की जा सकती है।डीटीओ चौधरी ने वाहन मालिकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित क्षमता से अधिक भार लादकर न केवल स्वयं को, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान को भी जोखिम में डालते हैं।







