मो० काजीरुल शेख
पाकुड़: रहमतों और बरकतों का मुकद्दस महीना रमजान उल मुबारक गुरुवार की अहले सुबह सेहरी के साथ शुरू हो गया। दिनभर अल्लाह की इबादत में गुजारने के बाद रोज़ेदार शाम को सूरज ढलते ही इफ्तार के साथ अपना रोज़ा खोला। रमजान के आगाज़ के साथ ही जहां बड़ों में इबादत का जज़्बा देखने को मिल रहा है, वहीं नन्हें बच्चों में भी रोज़ा रखने को लेकर गजब का उत्साह नजर आ रहा है।हरिनडंगा बाजार मंसूरी टोला निवासी जहांगीर अंसारी की 7 वर्षीय बेटी मन्नत और महज 4 वर्ष 6 माह की छोटी बेटी फरीशा प्रवीण ने अपनी ज़िंदगी का पहला रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत की। मासूम चेहरों पर रोज़ा रखने की खुशी और इबादत का जज़्बा देखते ही बन रहा था।वहीं मंसूरी टोला निवासी रिज़वान अंसारी की 8 वर्षीय बेटी आशिया खातून ने भी पूरे उत्साह के साथ अपना पहला रोज़ा रखा। इसके अलावा नयाटोला निवासी युसूफ अंसारी की 6 वर्षीय बेटी आजमीन प्रवीण ने भी पहली बार रोज़ा रखकर अल्लाह की बंदगी की राह में कदम बढ़ाया।नन्हें रोज़ेदारों के इस जज़्बे को देखकर परिजन भावुक और गर्वित नजर आए। अभिभावकों ने दुआ की कि अल्लाह तआला इन बच्चों को सेहत, सब्र और रोज़ा रखने की तौफीक अता फरमाए।रमजान के इस पाक महीने में इन मासूम बच्चों की इबादत ने पूरे मोहल्ले का माहौल रूहानी बना दिया है।










