पाकुड़ | 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर रानी ज्योतिर्मयी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत जिला परिवहन कार्यालय, पाकुड़ द्वारा प्रस्तुत झांकी को सर्वश्रेष्ठ झांकी प्रतियोगिता में तीसरा पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस झांकी ने आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी सहित जिले के वरीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।

सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन थीम पर जीवंत प्रस्तुति
सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला परिवहन कार्यालय की ओर से ‘सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन विषय पर आधारित झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में नाटक के माध्यम से हेलमेट की अनिवार्यता, सड़क दुर्घटना में घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने की राह-वीर योजना, कैशलैस ट्रीटमेंट सुविधा, पंचायत स्तर पर सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी, सड़क मित्र की भूमिका और आधुनिक तकनीक से लैस वाहनों के सुरक्षित उपयोग को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।

एडवांस टेक्नोलॉजी से हादसे रोकने का संदेश
झांकी के माध्यम से लोगों को एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), ऑटो ब्रेकिंग सिस्टम, पार्किंग सेंसर, कैमरा, ड्राइवर ड्रोसिनेस अलर्ट जैसे फीचर्स की जानकारी दी गई। साथ ही यह संदेश दिया गया कि तकनीक तभी कारगर है जब चालक नियमों का पालन करे।
मंत्री, उपायुक्त और एसपी ने की सराहना
झांकी की प्रस्तुति से प्रभावित होकर श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने सड़क सुरक्षा नियमों को जीवन में अपनाने की अपील की। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि झांकी को केवल प्रदर्शन न मानकर इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए। वहीं पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने भी आम जनता से यातायात नियमों के पालन की अपील की।
B.Ed कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने निभाई अहम भूमिका

इस प्रस्तुति में सड़क मित्र और सड़क दोस्त के रूप में पाकुड़ B.Ed कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने नाटक के माध्यम से अपनी प्रभावशाली भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
19 झांकियों में तीसरा स्थान
गणतंत्र दिवस समारोह में कुल 19 झांकियों ने भाग लिया, जिसमें जिला परिवहन कार्यालय की झांकी को तीसरा स्थान मिला।
प्रशासन की अपील।
सभी यातायात नियम अपनाएं, सड़क दुर्घटनाओं से मुक्त पाकुड़ बनाएं, जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।







