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March 11, 2026 9:06 am

ग्रामीण पाकुड़ के लिए वरदान बना ई-संजीवनी।

48 हजार से ज्यादा टेली-कंसल्टेशन, राज्य में चौथे स्थान पर जिला

पाकुड़। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदलने वाला ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन कार्यक्रम पाकुड़ जिले में तेजी से असर दिखा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में 48,232 मरीजों को ऑनलाइन परामर्श दिया जा चुका है, जिसके साथ पाकुड़ पूरे राज्य में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की सीधी उपलब्धता नहीं है, वहां आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत सीएचओ के माध्यम से रिम्स रांची, एम्स देवघर सहित अन्य हब से विशेषज्ञ डॉक्टर ऑडियो-वीडियो कॉल पर इलाज और सलाह दे रहे हैं। उपायुक्त ने ई-संजीवनी को ग्रामीण जनता के लिए “डिजिटल स्वास्थ्य का मजबूत सहारा” बताते हुए निर्देश दिया कि सभी सीएचओ हर माह कम से कम 200 और सभी डॉक्टर 500 कंसल्टेशन सुनिश्चित करें। साथ ही सिविल सर्जन और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि छूटे हुए डॉक्टरों और विशेषज्ञों को भी हब से जोड़ा जाएगा, ताकि परामर्श की संख्या और बढ़े। लक्ष्य साफ है—ई-संजीवनी के जरिए पाकुड़ को स्वास्थ्य सेवाओं में राज्य में अव्वल बनाना।

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