पाकुड़: जिले में इस बार जिला स्तरीय सोहराय पर्व का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में इस पर्व को सफल बनाने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर अल्फ्रेड मुर्मू, अंचल अधिकारी अरविंद कुमार बेदिया, बाजार समिति सचिव संजय कक्षप के अलावा मुखिया विकास गोंड, पीटर मरांडी, लखन हेंब्रम, जॉन जंतु सोरेन और केकेएम कॉलेज के छात्र उपस्थित रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई। एसडीओ साइमन मरांडी ने बताया कि सोहराय पर्व प्रकृति और स्वच्छता का पर्व है। इस दौरान अच्छे कृषि उपज, अनाज, गाय-बैल आदि का सम्मान और पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने बताया कि पर्व की तैयारी गांव में सफाई अभियान से शुरू होती है और घरों व चौराहों की दीवारों में पारंपरिक पेंटिंग की जाती है। इस वर्ष विशेष रूप से सोहराय पेंटिंग गतिविधि 11 जनवरी को आयोजित होगी। गोंड पूजा 12 जनवरी को और खुंटाव 13 जनवरी को किया जाएगा। 14 जनवरी को संगीत कार्यक्रम होगा। स्थानीय वेशभूषा और पारंपरिक भोजन के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। साथ ही, स्थानीय कलाकारों और विलुप्त संगीत वाद्य यंत्रों को मंच पर प्रदर्शन का मौका मिलेगा। बैठक में लिए गए सभी प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए उपायुक्त के समक्ष रखा जाएगा। पर्व में शामिल सभी लोग स्टॉल लगाने और कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति पाएंगे। जिलेवासियों के लिए यह पर्व संस्कृति, कला और परंपरा का अनूठा संगम साबित होगा।







