गरीबों के लिए आशा की किरण बनीं पलामू जिले की प्रथम महापौर अरुणा शंकर।
विरासत में मुझे मिली है जन सेवा की प्रेरणा – अरुणा शंकर
संजय कुमार गुप्ता
पांकी /पलामू
पलामू जिले सहित पूरे क्षेत्र में इन दिनों हाड़ कंपा देने वाली ठंड और शीत लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान में आई भारी गिरावट के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त – व्यस्त हो गया है। सुबह और शाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, वहीं रात के समय ठंड का कहर और भी अधिक बढ़ जाता है। इस भीषण ठंड ने सबसे ज्यादा असर गरीब, असहाय, बुजुर्गों, मजदूरों और फुटपाथ पर जीवन यापन करने वाले लोगों पर डाला है। इनके लिए यह ठंड किसी आपदा से कम नहीं है।
गरीब तबके के लोगों के पास न तो पर्याप्त गर्म कपड़े हैं और न ही ठंड से बचाव के समुचित साधन। खुले आसमान के नीचे या झोपड़ियों में रहने को मजबूर लोग ठिठुरते हुए रात गुजार रहे हैं। ऐसे हालात में कई परिवारों का जीना दूभर हो गया है। दिहाड़ी मजदूरों का कामकाज भी ठंड के कारण प्रभावित हो रहा है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है।
इन कठिन परिस्थितियों में पलामू जिले की प्रथम महापौर एवं जानी-मानी समाजसेविका अरुणा शंकर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आई हैं। उन्होंने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए जिले के विभिन्न इलाकों में लगातार, गर्म कपडे,कंबल वितरण का अभियान चलाया है। सड़कों पर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में जाकर वे स्वयं जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर रही हैं, गर्म कपडे दें रही है।
निगम क्षेत्र के सभी चौक चौराहों पर की गई है अलावा की व्यस्था।
अरुणा शंकर के प्रयास से निगम क्षेत्र के सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था भी करवाई गई है, ताकि ठंड से जूझ रहे लोग कुछ राहत महसूस कर सकें। देर रात तक चलने वाले इस अभियान से सैकड़ों गरीब और असहाय लोगों को ठंड से बचाव में मदद मिल रही है। अलाव के पास बैठकर लोग न केवल अपने शरीर को गर्म कर पा रहे हैं, बल्कि उन्हें मानसिक संबल भी मिल रहा है।
गरीबों की सेवा से बड़ा कोई पुनीत कार्य नहीं।
कंबल वितरण के दौरान अरुणा शंकर ने कहा कि ठंड के इस मौसम में समाज के कमजोर वर्गों की मदद करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ित न हो, इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक ठंड का प्रकोप रहेगा, उनका सेवा अभियान निरंतर जारी रहेगा।उन्होंने कहा की जन सेवा की प्रेरणा मुझे विरासत में मिली है।
अरुणा शंकर के प्रयास को लोगों ने सराहा।
स्थानीय लोगों और लाभार्थियों ने अरुणा शंकर के इस प्रयास की सराहना की है। कई बुजुर्गों और जरूरतमंदों ने बताया कि कंबल और अलाव की वजह से उन्हें ठंड में बड़ी राहत मिली है। लोगों का कहना है कि ऐसे कठिन समय में यदि जनप्रतिनिधि और समाजसेवी इस तरह आगे आएं, तो गरीबों को काफी सहारा मिलता है।
मानवीय संवेदना का परिचय दें जनप्रतिनिधि।
शीत लहर की मार झेल रहे पलामू जिले में अरुणा शंकर का यह सेवा कार्य मानवता की मिसाल बनकर उभरा है। उनका यह प्रयास न केवल गरीबों के लिए न राहत लेकर आया है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और संवेदना का संदेश भी दे रहा है।










