जागरूकता तक सीमित रोड सेफ्टी, स्टंटबाज नाबालिगों पर कार्रवाई नदारद
पाकुड़। शहर में बाइक राइडरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। एक बाइक पर दो से तीन युवक सवार होकर, वह भी समूह बनाकर, पाकुड़ के विभिन्न हिस्सों में खुलेआम स्टंट करते नजर आ रहे हैं। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इनमें से अधिकतर बाइक राइडर नाबालिग बताए जा रहे हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों—पार्क के समीप वीआईपी रोड, दोपहर से लेकर शाम तक, पुलिस लाइन के आसपास, मालिपाड़ा मुख्य सड़क, पाकुड़-हिरणपुर मुख्य सड़क और मालपहाड़ी मार्ग—पर ये बाइकर्स तेज रफ्तार और खतरनाक स्टंट करते दिख जाते हैं। इससे आम लोगों में डर का माहौल है और कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गंभीर समस्या की जानकारी पहले ही रोड सेफ्टी टीम और नगर थाना प्रभारी को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। सड़क सुरक्षा के नाम पर कभी ‘गांधीगिरी’ करते हुए फूल बांटे जाते हैं, तो कभी हेलमेट पहनने की नसीहत देकर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। जागरूकता अभियान जरूरी है, लेकिन सिर्फ समझाइश से ऐसे लापरवाह और नियम तोड़ने वाले बाइकर्स पर लगाम लगना मुश्किल है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि इन स्टंटबाजों की वजह से कोई बड़ा हादसा हो गया, किसी की जान चली गई या गंभीर नुकसान हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? शहरवासियों का कहना है कि अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की जरूरत है। लोगों ने जिला परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नाबालिग बाइकर्स, बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करने वालों पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही, स्टंट करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई कर बाइक जब्ती, चालान और अभिभावकों को जिम्मेदार ठहराने जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि समय रहते किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
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