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January 25, 2026 12:36 am

कर्पूरी विचार मंच द्वारा ललपनिया मे जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102 वीं जयंती मनाई गई

अक्षय कुमार सिंह

ललपनिया। गोमिया प्रखंड अंतर्गत ललपनिया के जीरो पॉइंट स्थित कर्पूरी चौक पर कर्पूरी विचार मंच द्वारा भारत रत्न सह जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102 वीं जयंती सह मल्यार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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जननायक कर्पूरी ठाकुर

इस जयंती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोदवाटांड़ पंचायत के मुखिया बबलू हेंब्रम का आगमन हुआ। मौके पर मुखिया श्री हेंब्रम ने बताया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर एक ऐसे नेता थे जिन्होंने सादगी, समाजिक न्याय और पिछड़े–वंचित वर्गों के अधिकारों को राजनीति के केंद्र में रखा। वहीं इस अवसर पर युवा समाजसेवी चंद्रशेखर आजाद ने जीडी न्यूज लाइव से बात करते हुए कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को समस्तीपुर ज़िला, बिहार मे हुआ था। उन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और छात्र जीवन में ही स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए। भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में भाग लेने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। स्वतंत्रता के बाद वे समाजवादी विचारधारा से जुड़े 1952 में पहली बार बिहार विधानसभा के सदस्य बने और दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनके योगदानों में प्रमुख योगदान सामाजिक न्याय के प्रति उनका प्रयास रहा। उन्होंने बिहार में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू किया।अत्यंत पिछड़ा वर्ग को अलग पहचान दिलाने वाले पहले नेताओं में से थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हिंदी को बढ़ावा दिया और सरल भाषा में शासन पर ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी बेहद सादा जीवन सरकारी तामझाम और भ्रष्टाचार से दूरी रखी। यहां तक कि निजी जीवन में कोई संपत्ति नहीं जोड़ी। वे आम जनता, खासकर गरीबों, पिछड़ों और वंचितों की आवाज़ बने। उनकी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, समाज परिवर्तन के लिए थी — इसी कारण जनता ने उन्हें “जननायक” की उपाधि दी। उन्हें भारत रत्न (मरणोपरांत) – 2024 भारत सरकार द्वारा भेंट की गई। मौके पर कर्पूरी विचार मंच के अध्यक्ष अयोध्या ठाकुर, दीपक ठाकुर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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