भवानीपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुविधाओं की जांच, इस्लामपुर स्कूल में तिथि भोज-जन्मोत्सव में शामिल होकर बच्चों को किया प्रोत्साहित
पाकुड़। सदर प्रखंड क्षेत्र में विकास योजनाओं और सरकारी संस्थानों की व्यवस्था का जायजा लेने के क्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्रीय टीम के साथ बुधवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवानीपुर तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय इस्लामपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था तथा बच्चों से संवाद कर विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। सबसे पहले सदर प्रखंड अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, भवानीपुर का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त एवं केंद्रीय टीम ने आमजनों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान ओपीडी सेवाएं, प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, पूर्ण प्रतिरक्षण, दवा उपलब्धता, मरीजों के बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि आमजनों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर परामर्श, उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा स्वच्छता और सुव्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके बाद उपायुक्त एवं केंद्रीय टीम ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, इस्लामपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान झिकरहटी पूर्वी एवं पश्चिमी में आयोजित तिथि भोज सह जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी भाग लिया गया, जहां बच्चों के जन्मदिन के अवसर पर केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त एवं केंद्रीय टीम ने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से संवाद किया और विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ कई प्रश्नों के सही उत्तर दिए, जिस पर उपायुक्त ने उनकी सराहना की।
बच्चों को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिस विषय में आपकी रुचि हो, उसी क्षेत्र में मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें तथा अपने ज्ञान और प्रतिभा से जिले और राज्य का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि आप सभी देश के भविष्य हैं और आपकी मेहनत ही समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत आधारशिला बनेगी।
उन्होंने बच्चों को नियमित पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह से बचना चाहिए और कम से कम 22 वर्ष की आयु के बाद ही विवाह करने के प्रति स्वयं जागरूक रहने के साथ समाज को भी जागरूक करना चाहिए।








