Search

March 13, 2026 10:41 pm

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन हड़ताल।

इसबार होगी आर – पार कई लड़ाई – पंकज सिंह ( जिलाध्यक्ष पलामू )

संजय कुमार

मेदिनीनगर / पलामू । भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), जिसे अब वीबीजी रामजी के नाम से जाना जा रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण योजना है । इस योजना के तहत एक जॉब कार्ड पर मजदूरों को वर्ष में 100 दिनों के रोजगार का कानूनी अधिकार दिया गया है। इस योजना को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से रोजगार सेवकों पर है, जो गांव-गांव में मजदूरों को काम उपलब्ध कराने और योजनाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं।

हालांकि विडंबना यह है कि जिस तेजी से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी दर में वृद्धि हुई है, उसी अनुपात में योजना को जमीन पर लागू करने वाले रोजगार सेवकों के मानदेय में कोई समुचित वृद्धि नहीं हुई है। आज भी रोजगार सेवक अल्प मानदेय पर अपनी सेवाएं देने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, जो मानदेय मिलता है वह भी समय पर नहीं मिल पाता, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है।

मनरेगा अधिनियम में मजदूरों के हित में कई प्रावधान किए गए हैं, जिनका लाभ समय-समय पर मजदूरों को मिलता रहा है। लेकिन दूसरी ओर रोजगार सेवकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, दुर्घटना बीमा, असामयिक मृत्यु पर सहायता जैसे किसी भी प्रकार के ठोस प्रावधान का अभाव है। अगर किसी रोजगार सेवक की ड्यूटी के दौरान दुर्घटना हो जाए या असामयिक मृत्यु हो जाए तो उसके परिवार के लिए किसी प्रकार की सहायता का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसे लेकर रोजगार सेवकों में लंबे समय से गहरी नाराजगी है।

राज्य भर के रोजगार सेवक अपने बकाया मानदेय के भुगतान, नियमितीकरण, समान वेतन संरचना, सामाजिक सुरक्षा और मृत मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को सहायता जैसे कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। रोजगार सेवकों का कहना है कि बार-बार सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

रोजगार सेवकों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं का समाधान संवाद और बातचीत के माध्यम से चाहते हैं, लेकिन सरकार की लगातार अनदेखी और उदासीनता के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। इसी कड़ी में 9 मार्च से 11 मार्च तक पूरे राज्य में सांकेतिक हड़ताल कर सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया।

इस संबंध में पलामू जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने कहा कि सांकेतिक हड़ताल के माध्यम से सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि रोजगार सेवकों की जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। लेकिन इसके बावजूद भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में राज्य स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि अब रोजगार सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सरकार उनकी जायज़ मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।

जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने कहा कि इस बार रोजगार सेवक आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने राज्य के सभी रोजगार सेवकों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया और कहा कि अपने हक और सम्मान के लिए सभी को संगठित होकर संघर्ष करना होगा।

उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही सरकार रोजगार सेवकों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर