पाकुड़: नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पाकुड़ की सियासत गरमा गई है। इस बार मुकाबला जबरदस्त हो गया है, जहां भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ रहीं सबरी पाल, वार्ड नंबर 5 की लोकप्रिय पार्षद सीमा सोनी भगत और भाजपा समर्थित एवं निवर्तमान नगर अध्यक्ष संपा शाहा समेत कुल 10 अभ्यर्थी मैदान में हैं। अगर तीनों की बात की जाए तो तीनों महिला उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।

सबरी पाल, मुद्दों पर बेबाक, बदलाव का दावा
वार्ड नंबर 18 की रहने वाली पढ़ी-लिखी ग्रेजुएट महिला सबरी पाल को भाजपा का एक मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन पार्टी ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए निवर्तमान अध्यक्ष पर ही भरोसा जताया। इसके बाद सबरी पाल ने बागी होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया।नामांकन के बाद उन्होंने नगर परिषद और निवर्तमान अध्यक्ष पर सीधा हमला बोला। कहा कि पिछले 12 वर्षों से पाकुड़ शहरवासी गंगाजल के लिए तरस रहे हैं, जलापूर्ति योजना मजाक बनकर रह गई है।उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता हर घर नल से जल, शहर को जाम-मुक्त बनाना और स्वच्छ-स्वस्थ पाकुड़ बनाना है। दूसरी प्राथमिकता में गरीबों को आवास, दिव्यांग, विधवा और वृद्धजनों को नियमित पेंशन दिलाना शामिल है।सबरी पाल ने कहा, “जनता मुझ पर एक बार विश्वास करे, मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगी, यह मेरा वादा है।

सीमा सोनी भगत, विकास के दम पर चुनावी मैदान में
वार्ड नंबर 5 की निवर्तमान पार्षद सीमा सोनी भगत भी नगर अध्यक्ष पद की रेस में हैं। तेज-तर्रार और जुझारू छवि वाली सीमा सोनी भगत रिकॉर्ड मतों से वार्ड पार्षद चुनी गई थीं।वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुकी सीमा सोनी भगत को एक कर्मठ महिला और समाजसेवी के रूप में जाना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक घरेलू महिला होते हुए भी उन्होंने घर से बिजनेस शुरू किया और सफलता हासिल की। वार्डवासियों का दावा है कि उनके क्षेत्र में साफ-सफाई और विकास के कई ठोस काम हुए हैं, इसी वजह से उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है।

संपा शाहा, अनुभव के सहारे फिर मैदान में
वहीं भाजपा समर्थित उम्मीदवार और निवर्तमान नगर अध्यक्ष संपा शाहा भी इस रेस में हैं। उन्होंने भी नामांकन दाखिल किया है। अपने कार्यकाल को गिनाते हुए संपा शाहा ने कहा कि उन्होंने सड़क, नाली और मूलभूत सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाया। गंगाजल योजना को लेकर उन्होंने कहा कि प्रयास अधूरा जरूर है, लेकिन जीत के बाद हर घर नल से जल पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी।साथ ही उन्होंने पाकुड़ को जाम की समस्या से निजात दिलाने का भी दावा किया।नगर अध्यक्ष पद के लिए तीन महिला उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अब देखना होगा कि जनता किसे पाकुड़ शहर की कमान सौंपती है।





