जिला संवाददाता अंकित कुमार लाल
मेदिनीनगर : आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकता के प्रतीक रामनवमी महापर्व का इस वर्ष शहर में अत्यंत भव्य, अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान जिस प्रकार का सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला, उसने न केवल शहरवासियों का दिल जीत लिया बल्कि सामाजिक समरसता की एक सशक्त मिसाल भी पेश की।
इस सफल आयोजन के उपरांत आयोजन समिति के अध्यक्ष मंगल सिंह ने गहरी संतुष्टि और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया।
मंगल सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि “रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस वर्ष जिस प्रकार पूरे शहर ने मिलकर इस पर्व को शांति और भाईचारे के साथ मनाया, वह वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायक है।”
उन्होंने विशेष रूप से पलामू के उपायुक्त (डीसी) एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशासन की सतर्कता, सूझबूझ और समय-समय पर की गई प्रभावी निगरानी के कारण पूरे पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और पुलिस बल की तैनाती ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं भी कोई अप्रिय घटना न घटे।
मंगल सिंह ने आगे कहा कि इस आयोजन की सफलता में केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम जनता की सजगता और जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण रही। शहर के नागरिकों ने अनुशासन का परिचय देते हुए प्रशासन का पूरा सहयोग किया, जिससे हर जुलूस, पूजा और आयोजन बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
उन्होंने विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवा मंडलों और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि इन सभी ने तन-मन-धन से सहयोग करते हुए इस महापर्व को भव्य और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जगह-जगह सेवा शिविर, जल वितरण, चिकित्सा सहायता और यातायात व्यवस्था में सहयोग जैसे कार्यों ने आयोजन को और भी सफल बना दिया।
इस अवसर पर उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रामनवमी के दौरान शहर में जो अनुशासन, संयम और आपसी सम्मान देखने को मिला, वह आने वाले समय के लिए एक सकारात्मक संदेश है। यह दर्शाता है कि जब समाज एकजुट होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा आयोजन भी शांतिपूर्ण और सफल बनाया जा सकता है।
अंत में मंगल सिंह ने सभी शहरवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि “हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस भाईचारे और शांति की परंपरा को आगे भी बनाए रखें। त्योहार केवल उत्सव का नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग का भी अवसर होता है। *यदि हम इसी भावना के साथ आगे बढ़ेंगे, तो हमारा समाज और भी मजबूत एवं समृद्ध बनेगा।”
रामनवमी महापर्व के इस सफल और शांतिपूर्ण आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि* *मेदिनीनगर की पहचान केवल एक शहर के रूप में नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव, एकता और सामाजिक समरसता के केंद्र के रूप में भी है।
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