पाकुड़िया (पाकुड़) प्रखंड के शहरपुर ग्राम में आयोजित पांच दिवसीय सोहराय महोत्सव 2026 का शुक्रवार को पारंपरिक उल्लास के साथ समापन हुआ। समापन दिवस पर जिला परिषद अध्यक्ष जुली ख्रिष्टमणी हेम्ब्रम एवं पंचायत समिति सदस्य गायत्री देवी ने समारोह में शिरकत कर आदिवासी परंपराओं के प्रति अपनी आस्था और जुड़ाव को दर्शाया। 12 जनवरी से 16 जनवरी 2026 तक चले इस महोत्सव के अंतिम दिन गांव का माहौल पूरी तरह उत्सवी रंग में रंगा नजर आया। नगाड़ा, टमाक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज पर युवक-युवतियों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच संताल संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष जुली ख्रिष्टमणी हेम्ब्रम ने कहा कि सोहराय पर्व संताल परगना की आत्मा से जुड़ा पर्व है, जो प्रकृति, पशुधन और पारिवारिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराएं ही हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखती हैं, जिन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। महोत्सव के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ बैठकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया और निवास पर नित्य पूजा-अर्चना कर पर्व को परंपरा अनुसार मनाया। इससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया। सोहराय महोत्सव का समापन आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक एकता और पारंपरिक उल्लास के संदेश के साथ हुआ। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने इस आयोजन को यादगार बताया।


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