सुहागिन महिलाओं ने पति के दीर्घायु के लिए वट सावित्री व्रत रखा । सोमवार को महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे धागा से फेरी लगाकर, हाथ पंखा, वटवृक्ष के पत्ते, फल फूल आदि सामग्री से पूजन कर पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं दीर्घायु की कामना की । पूजन के लिए पहुंची महिलाओं ने कहा कि यह व्रत पति के दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाएं करती हैं । पूजन सामग्री में कच्चा सूत, अक्षत, सिंदूर, सुहाग का सामान, बांस का पंखा, लाल कलावा, धूप, अगरबती, मिट्टी का दीपक, घी, बरगद का फल, मौसमी फल, फूल, इत्र, सुपारी, रोली, बताशे, कपड़ा, नारियल, पान, धुर्वा घास, नकद रुपये और घर पर बने पकवान और मिष्ठान आदि सामान की जरूरत बतायी है । पूजन के बाद सावित्री सत्यवान की कथा सुनती है ।
पति की पूजा कर बांस से बने पंखे से पति को हवा करती है । पूजन समाप्ति के बाद महिलाओं ने आसपास के मंदिरों में जाकर भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद लिया ।






