मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर की घटना, घायल बुजुर्गों का सदर अस्पताल में कराया गया उपचार
पाकुड़। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर गांव में शुक्रवार दोपहर बच्चा चोरी की अफवाह के कारण ग्रामीणों ने एक बुजुर्ग महिला और पुरुष को घेर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित बचा लिया और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार करीब 2:30 बजे मुफ्फसिल थाना प्रभारी को सूचना मिली कि नरोत्तमपुर गांव में एक बुजुर्ग महिला और पुरुष को बच्चा चोर समझकर ग्रामीण परेशान कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गौरव कुमार ने पुलिस बल और वार्ड सदस्य को तत्काल मौके पर भेजा। पुलिस टीम ने दोनों बुजुर्गों को ग्रामीणों के बीच से सुरक्षित निकालकर थाना लाया। थाना में दोनों को बैठाकर पानी पिलाया गया और पूछताछ की गई। इस दौरान पता चला कि दोनों खानाबदोश हैं और बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे कोटालपोखर रेलवे स्टेशन के पास रहकर भीख मांगकर जीवन यापन कर रहे हैं। भीख मांगते हुए वे नरोत्तमपुर गांव की ओर पहुंच गए थे, जहां लोगों ने उन्हें बच्चा चोर समझ लिया। ग्रामीणों द्वारा घेराबंदी के दौरान दोनों बुजुर्गों को हल्की चोटें भी आई थीं। पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल पाकुड़ भेजा, जहां उनका प्राथमिक उपचार कराया गया।
पुलिस ने बताया कि बच्चा चोरी की अफवाह को लेकर पहले से ही क्षेत्र में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी के चलते पुलिस की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से समय रहते दोनों बुजुर्गों को सुरक्षित बचा लिया गया और बड़ी घटना टल गई।
बचाए गए बुजुर्गों की पहचान खरीक लाठोर (65 वर्ष), पिता स्व. मिथाई लाठोर तथा उनकी पत्नी धनपति देवी (लगभग 60 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों बिहार के सहरसा जिले के सिमली बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव के निवासी हैं।






