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January 23, 2026 8:00 am

क्या है तुर्किये का गोल्डन पासपोर्ट, इसे पाना क्यों माना जाता है आसान?

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हाइलाइट्स

दुनिया में कई देश विदेशियों को अपनी नागरिकता या पासपोर्ट देने में खास रियायतें देते हैं.
तुर्किये का गोल्डन पासपोर्ट काफी चर्चा में है क्योंकि इसे हासिल करना आसान माना जाता है.
तुर्किेये के इस कदम की दुनिया में कई जगह आलोचना भी की जाती रही है.

दुनिया के कई देश अपने नागरिकों के लिए कई तरह के पासपोर्ट जारी करते हैं. इन्हें अलग से पहचान देने के लिए इनके लिए खास रंग का बनाया जाता है. जहां पासपोर्ट देश के नागरिकों के लिए अपने देश से बाहर जाने का अनुमति पत्र या पहचान पत्र के तौर पर उपयोग में लाया जाता है. इससे जुड़ा एक अन्य शब्द वीजा है. वीजा किसी देश के द्वारा दी गई वह अनुमति है जो किसी व्यक्ति विशेष को उस देश में यात्रा करना संभव बनाती है. हाल ही में तुर्किये का गोल्डन रंग का पासपोर्ट सुर्खियों में है क्योंकि इसे हासिल करने के लिए दुनिया के कई देशों के नागरिक पीछे पड़े हैं.

क्या है पासपोर्ट हासिल करने का तरीका
तुर्किये में सामान्य नागरिक  का पासपोर्ट हासिल करने के लिए वहां केवल निवेश करना होगा वर्तमान नियमों के अनुसार यह निवेश चार लाख डॉलर की सम्पत्ति खरीदने का है जिसे दुनिया में बहुत से देशों को लोग आकर्षक ऑफर मान रहे हैं और इसका कई देश विरोध भी कर रहे थे. मजेदार बात तो यह है कि 2022 से पहले तक निवेश करने के न्यूनतम राशि केवल ढाई लाख डॉलर ही थी.

क्या होता है गोल्डन पासपोर्ट?
गोल्डन पासपोर्ट निवेश के जरिये नागरिकता हासिल करने का तरीका है. इसे लेने के लिए व्यक्ति को उस देश में एक निश्चित रकम निवेश करना होती है जिसका वह पासपोर्ट चाहता है या जिसकी नागरिकता चाहता है. इस निवेश के साथ कुछ शर्तें होती हैं जबकि निवेश कितना हो सकता है इसके नियम भी समय समय पर बदलते रहते हैं. यह गोल्ड वीजा से अलग है क्योंकि वीजा में केवल निश्चित अवधि तक रहने की अनुमति मिलती है.

एक बड़े उद्योग का स्वरूप
दुनिया में इस तरह से किसी दूसरे देश की नागरिकता लेने की व्यवस्था 1980 के दशक से है लेकिन इसने समय के साथ एक बड़े उद्योग का स्वरूप ले लिया है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इन दिनों दुनिया मे बनी अनिश्चितता को देखते हुए दुनिया के कई निवेशक एक अतिरिक्त नागरिकता के विकल्प की जरूरत महसूस कर रहे हैं.

कई कारण है इसके पीछे
अमूमन नागरिकता हासिल करने के अलग अलग कारण होते हैं लेकिन इनमें सुरक्षा, बिना वीजा का यात्रा की सुविधा हासिल करना, शिक्षा या रोजगार के बेहतर अवसर प्रमुख कारणों में हैं  वहीं तुर्किये के लिहाज से उसके जैसे विकासशील देश में निवेश बढ़ाने का एक अवसर है. तुर्किये की इस नीति पर अच्छी और बुरी दोनों तरह की प्रतिक्रिया हो रही है.

बदलते रहे नागरिकता हासिल करने के नियम
तुर्किये ने 2016-17 में विदेशियों को नागरिकता देने के किए नया कानून लागू किया था जिसमें निवेश के जरिए तुर्किये की नागरिकता हासिल करने का प्रवाधान था. 2017 में इसकी शर्तों में 10 लाख डॉलर की संपत्ति खरीदना या 20 लाख का पूंजीगत निवेश या कम से कम 10 लोगों को रोजगार देना शामिल था. 2018 में सम्पत्ति की सीमा पांच लाख डॉलर हो गई, पूंजीगत निवेश की सीमा ढाई लाख डॉलर और रोजगार की संख्या 50 कर दी गई.

अब भी अच्छी योजना, लेकिन पहुंच से मुश्किल
इसके बाद से निवेशकों की रुचि तुर्किये की नागरिकता में बढ़ गई जिससे 2022 में निवेश की सीमा को बढ़ाकर चार लाख कर दिया गया. पहले आवेदक अधिक थे पर यह अब भी अच्छी योजना मानी जाती है. वहीं इसका विरोध करने वाले नागरिकता को खरीद फरोख्त की योजना बना देने का आरोप लगाते हैं.

इसके अलावा इससे अपराधी पनप सकते हैं, मनी लॉन्डरिंग हो सकती है और प्रॉपर्टी के दाम भी बढ़ सकते हैं. तुर्की में भी मकानों के दाम इसी कारण बढ़े थे. इसी वजह से साइप्रस ने 2020 में और बुल्गारिया ने 2022 में अपनी गोल्डन पासपोर्ट योजनाएं बंद कर दी थीं. साइप्रस में तो रूस, चीन और यूक्रेन से बड़ी संख्या में आवेदन हो रहे थे. हाल ही में पुर्तगाल ने भी इसे खत्म किया है.

Tags: Passport, Turkey, Visa, World

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