सामाजिक कार्यकर्ता ने खोला राज
पाकुड़: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। पाकुड़ प्रखंड अंतर्गत नरोत्तमपुर पंचायत के रामचंद्रपुर गांव में आवास निर्माण के नाम पर सरकारी राशि की भारी बंदरबांट किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार अग्रवाल ने गंभीर खुलासे किए हैं।
अग्रवाल ने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से दावा किया कि रामचंद्रपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 163 आवास स्वीकृत किए गए थे, लेकिन इनमें से करीब 100 आवासों का निर्माण धरातल पर हुआ ही नहीं, जबकि कागजों में उन्हें ‘पूर्ण’ दर्शा दिया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे फर्जीवाड़े को पंचायत सचिव से जुड़े निजी बिचौलियों द्वारा अंजाम दिया गया। अधबने या बिना बने मकानों की गलत तरीके से जिओ-टैगिंग कर पोर्टल पर पूर्ण दिखाया गया और इसके आधार पर सरकारी राशि का आहरण कर लिया गया। अग्रवाल ने इसे सुनियोजित महाघोटाला करार दिया।सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि यदि उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच टीम गठित कर मामले की जांच कराई जाए, तो नरोत्तमपुर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए इस फर्जीवाड़े की पूरी परतें खुल जाएंगी।
उन्होंने संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे इस मामले की शिकायत उच्च स्तरीय जांच कमेटी से करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे।





