पाकुड़। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में गुरुवार को केकेएम कॉलेज, पाकुड़ में “विकसित भारत युवा संसद 2026” के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने भाग लेकर लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि एनएसएस समन्वयक (एसकेएमयू) डॉ. धनंजय कुमार मिश्रा ने कहा कि युवा संसद जैसे मंच युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. युगल झा ने की। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. विश्वनाथ साह, डॉ. सुशीला हांसदा, राहुल कुमार, डॉ. शिव प्रसाद लोहरा, डॉ. संजय कुमार सिंह, अनिल कुमार शर्मा, डॉ. महबूब आलम, डॉ. नीलम कुमारी, डॉ. मनोहर कुमार, डॉ. हिमांशु शेखर महाकुर, डॉ. शकुंतला मुंडा तथा कुमार प्रशांत भारती सहित कई शिक्षाविद् व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का विषय “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” रखा गया था। प्रतिभागियों ने तीन-तीन मिनट के भाषण में लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों पर अपने विचार रखे। निर्णायक मंडल ने प्रस्तुति, तर्कशक्ति और विषय की समझ के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में बंभोला उपाध्याय ने प्रथम, दुर्गेश के. सोरेन ने द्वितीय, ऋतु कुमारी ने तृतीय, सुबी फातिमा ने चतुर्थ और गुलजार अली ने पंचम स्थान प्राप्त किया। चयनित पांचों प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में पाकुड़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कॉलेज के शिक्षकों, एनएसएस स्वयंसेवकों और आयोजन समिति की अहम भूमिका रही। अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।









