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March 13, 2026 8:50 pm

ओडोमो पहाड़ी कोल परियोजना के विस्थापित रैयतो ने अमड़ापाड़ा सीओ को सौंपा आवेदन पत्र

ग्रामसभा कर ग्रामीणों की सहमति के पश्चात ही खनन और विकास का काम कराने की मांग की

बिक्की सन्याल

पाकुड़। अमड़ापाड़ा अंचल क्षेत्र के पचुवाडा मौजा अंतर्गत ओडोमो पहाड़ी कोल परियोजना के विस्थापित रैयतो ने प्रशासन से ग्रामसभा एवं ग्रामीणों की सहमति के पश्चात ही खनन और विकास का काम कराने का मांग की है। इस संबंध में ओडोमो पहाड़ी कोल परियोजना के विस्थापित गांव पचुवाड़ा के दर्जनों रैयतों ने संयुक्त रूप से अमड़ापाड़ा अंचलाधिकारी कुमार देवेश द्विवेदी को एक आवेदन पत्र सौंपा है। सौपें गए आवेदन पत्र में पचुवाड़ा गांव के ग्रामीण रोथा तुरी, गिरीश हेंब्रम, मरांग सोरेन, सोनिया देहरी, कन्हैयालाल केवट, गोविंद मरांडी, गणेश केवट, बालेश्वर केवट, सुरेश मड़ैया, सुनील देहरी सहित अन्य लोगों ने सीओ को सौंपे गए आवेदन पत्र में कहा है कि ओडमो पहाड़ी कोल परियोजना के अंतर्गत पचुवाडा गांव में बिना ग्रामसभा कराए एवं स्थानीय ग्रामीणों को सूचना दिए बिना ही कोल प्रबंधन कुछ रैयतों और दलाल को मिलाकर बोरिंग कराने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पचुवाड़ा के ग्राम प्रधान सिरील हेंब्रम की अध्यक्षता में कई लोगों ने बैठक कर बीते 19 जून को कंपनी के प्रतिनिधि को गांव में बुलाकर जबरन बोरिंग पॉइंट दिखा रहे थे। इस बात का हम ग्रामीण विरोध करने तो वे लोग झगड़ा कर जान से मारने की धमकी देने लगे। ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी से तत्काल गांव में बिना ग्रामसभा की सहमति लिए ओडमो कोल परियोजना के किसी भी काम पर रोक लगाने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने आवेदन पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त पाकुड़, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और थाना प्रभारी को भी भेजा है।

ओडोमो पहाड़ी कोल परियोजना के अंतर्गत आने वाले गांव:- रांगा टोला, केवट टोला, बनखुंजो सहित अन्य गांव भी है।

सीओ ने बताया कि:- ओडमो कोल परियोजना को लेकर 70% जमीन का अधिग्रहण होना है जिसको लेकर माइनिंग प्लान तहत गांव में बोरिंग कराया जाना है। लेकिन रैयतों एवं गांव के ग्रामीणों के जानकारी के बिना किया जा रहा है जो सरासर गलत है। आवेदन के आधार पर जानकारी मिली है मामले की जांच की जाएगी।

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