काजीरुल शेख
पाकुड़: रमजान के पाक महीने के अंतिम जुमे को रोजेदारों ने अलविदा की नमाज अदा की। तपती भीषण गर्मी में भी नमाज अदा करने पाकुड़ शहर सहित ग्रामीण अंचलो के तमाम मस्जिदें खचाखच भरी हुईं थीं।शुक्रवार को मगफिरत और रहमत के पाक महीने में आखिरी जुमा यानी अलविदा की नमाज अदा करने के लिए नमाजियों की भीड़ उमड़ी।इमाम के पीछे पहली लाइन में जगह पाने को हर नमाजी उत्साहित दिखा।वही पाकुड़ सदर प्रखंड के चेंगाडांगा स्थित जुम्मा मस्जिद में इमाम साहब ने नमाज अदा कराने के बाद देश और मुल्क में अमन चैन और भाईचारा कायम रहे, इसके लिए दुआ मांगी। इमाम मौलाना अब्दुर रौब साहब ने बताया कि ये जुमा अलविदा इसलिए कहा जाता है कि ये रमजान का आखिरी जुमा होता है। जुमे के बाद रमजान समाप्त हो जाते हैं। उसकेे बाद ईद मनाई जाती है। उन्होंने बताया गया कि अल्लाह ताला ने रमजान के इनाम के बदले में ये तोहफा दिया है। जिसमें घर में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर किसी के शरीर पर नया लिबास होता है। ईद की अहमियत रोजदार के लिए है।





