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May 11, 2026 4:13 am

दराजमाठ गांव में धूमधाम से की गई मां बिपतारिणी की पूजा।

हर संकट से मुक्ति के लिए महिलाओं ने की पूजा।

जितेंद्र यादव

पाकुड़ जिले के विभिन्न स्थानों पर मां बिपतारिणी की पूजा बड़े ही धूमधाम से की गई। प्रखंड अंतर्गत हिरणपुर ,दराजमाठ गांव शिव मंदिर, डांगापाड़ा गांव दुर्गा मंदिर में शनिवार को मां बिपतारिणी की पूजा धूमधाम से संपन्न हुई। पूजा अर्चना के लिए यहां सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। शहर के मंदिरों में मां बिपतारिणी की पूजा अर्चना की गई। रथ यात्रा के छठे दिन मां बिपतारिणी की पूजा में भारी संख्या में महिलाएं शामिल हुई विपत्तियों से मुक्ति के लिए महिलाओं ने भगवान से प्रार्थना की और अपनी हाथों में लाल धागा बांध। बता दे की रथ यात्रा के बाद शनिवार और मंगलवार के दिन मां बिपतारिणी की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि मां बिपतारिणी की पूजा करने से सभी संकट दूर हो जाते हैं कई राज्यों में मां बिपतारिणी की पूजा की जाती है। इस पूजा को धूमधाम से मनाते हैं पूजा के दिन महिलाएं उपवास रखती है यह माना जाता है कि यह पूजा महिलाओं के लिए ही है। संस्कृति में सालों भर अलग-अलग देवी देवताओं की पूजा करने की मान्यता है ।उनमें मां बिपतारिणी की पूजा सबसे अलग होती है रथ यात्रा निकालने के बाद शनिवार या मंगलवार को ही यह पूजा की जाती है मां काली और दुर्गा के रूप में मां बिपतारिणी की पूजा कर हम सबकी सुख शांति की कामना करते हैं इस पूजा मैं मां को 13 तरह के फल प्रसाद का भोग चढ़ाते हैं। पूजा में पुष्पांजलि देने के बाद पूरा है । पुरोहित द्वारा सभी महिलाओं के हाथ में लाल धागा बांधा जाता है ।यह माना जाता है कि लाल धागा रक्षा कवच का काम करता है। बिपतारिणी पूजा संपन्न होने के बाद सभी भक्तजनों को प्रसाद वितरण किया गया। बिपतारिणी पूजा में सभी दराजमाठ समिति उपस्थित रहे।

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