प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)गुरुवार को कृषि तकनीकी सूचना केंद्र लिट्टीपाड़ा में प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला 2024 का आयोजन कर किसानों को आज के आधुनिक युग में नये उपकरण, वैज्ञानिक तरीके एवं जैविक खाद का प्रयोग से खेती कर किसान अपना आय संवर्धन कर स्वावलंबी हो सके इसके तरीके बताएं गए।मौके पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी के. सी. दास ने बताया कि प्रखंड में खरीफ की मुख्य फसल धान है। उन्होंने धान की नर्सरी से लेकर रोपाई, कीटनाशकों का उपयोग कर कीट व्याधियों से बचाव, अन्य प्रबंधन सहित कटाई तक से जुड़ी बातों को विस्तार से बताते हुए कहा कि समय के अनुसार नियमित देखभाल से फसल का उत्पादन बढ़ता है और खुशहाली घर आती है। उन्होंने इलाके में धान के अलावा अन्य फसलों- मकई, सब्जी और फल आदि की खेती में लगने वाले रोग और उसका उपचार के बारे में बताया।वहीं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक रामेश्वर मुर्मू ने जैविक खाद पर जोड़ देते हुए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं कर जैविक उर्वरक से फसल की पैदावार एवं मिट्टी की गुणवत्ता में वृद्धि तथा मिट्टी की पोषक तत्वों का भरपूर पूर्ति होने की बात कही।*प्रखंड अपूर्ति पदाधिकारी सह जनसेवक लिसू टुडू ने कृषि से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए वैज्ञानिक विधि से खेती कर कम लागत में अधिक मुनाफा के तरीकों को समझाया।वहीं ग़ैर सरकारी संस्थाओं से सर्व सेवा समिति संस्था के प्रोजेक्ट एसोसिएट मसलेउद्दीन अंसारी ने खेती के कई घटकों जैसे फसल, बागवानी, पशु-पालन, कुक्कट पालन, मत्स्य पालन को एक साथ पूरक रूप से समाहित खेती कर कृषक परिवार के प्रक्षेत्र के उत्पादन में सभी समस्याओं से निदान प्राप्त करने के तरीके किसानों को बताएं।इस आयोजित प्रशिक्षण में मुख्य रूप से प्रवाह एन.जी.ओ कर्मी जितेन्द्र कुमार सिंह, लाईवलीहूड एक्सपर्ट सद्दाम हुसैन, जनसेवक दिवेश मिश्रा सहित काफी संख्या में कृषक मित्र एवं किसान मौजूद थे।





