Search

April 27, 2026 2:44 pm

झामूमो नेतृत्व ने टिकट काटकर की नाइंसाफी – दिनेश मराण्डी

पार्टी संस्थापक के परिवार को किया जा रहा है प्रताड़ित

राहुल दास

हिरणपुर (पाकुड): झामूमो नेतृत्व ने मुझे पार्टी की टिकट न देकर नाइंसाफी की है। जबकि मैं हमेशा से मुख्यमंन्त्री हेमन्त सोरेन सहित पार्टी के लिए वफादार सिपाही रहा हूँ। शुक्रवार को हिरणपुर स्थित आवास में पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधायक दिनेश मराण्डी ने कहा। विधायक ने कहा कि वर्ष 1980 में पिताजी स्वर्गीय साइमन मराण्डी की सक्रिय भागीदारी से झामूमो का गठन हुआ था। उस वक्त पिताजी एक मात्र निर्दलीय विधायक थे। रामगढ़ नेमरा गांव से गुरुजी को संथाल क्षेत्र में लाकर पहचान दिलाई थी। दोनो के अलावे अन्य लोगो ने मिलकर पार्टी को मजबूत करने में कठिन संघर्ष किया, पर आज पार्टी नेतृत्व के आसपास बाहरी तत्वों का जमावड़ा हो गया है। जो मनमानी ढंग से कार्य कर रहा है। ऐसे लोग , जिसे पार्टी से कोई नाता नही रहा है। मुझे पार्टी की टिकट से वंचित किया गया । वही क्षेत्र के बाहर के व्यक्ति को टिकट दी गई ।जबकि इसका कारण तक नही मुझे नही बताया गया। उधर बीते लोकसभा चुनाव में पार्टी विरोधी कार्य को लेकर छह वर्ष के लिए निलंबित चमरा लिंडा को पुनः विशनपुर से टिकट दे दी गई। आखिर ये दोहरा मापदंड क्यो ? मेरे टिकट कटवाने के बरहेट के विधायक प्रतिनिधि की अहम भूमिका रही है। जिसे मैं जेल में रहने के दौरान उससे भेंट नही किया। इसका खामियाजा मुझे भुगतना पड़ रहा है। इसके पूर्व वर्ष 2019 की चुनाव में राजमहल से एमटी राजा को झामूमो टिकट से वंचित कर बीजेपी को जीत दिलाने का कार्य किया गया था। आखिर अनुशासनहीनता किसने किया है। बोरियों से धनन्जय सोरेन को पार्टी प्रत्याशी बनाया गया है , जो बरहेट विधायक प्रतिनिधि के मामले में गवाह बना था । जिसे टिकट देकर पुरस्कृत किया गया ।हम पार्टी के समर्पित सिपाही रहे है। हेमन्त सोरेन के लिए जान न्योछावर है। पर आखिर मुझे टिकट से वंचित कर क्या संदेश देना चाह रहा है। पार्टी को कुछ बाहरी तत्व कमजोर करने में तुला हुआ है। जो बीजेपी के इशारे में की जा रही है। काफी संघर्ष कर इस पार्टी का गठन कर विस्तार किया गया था। जो आज कमजोर होने की स्थिति में है।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!