GATE-2025 में मनीरामपुर के असीबुर रहमान ने हासिल की 529वीं रैंक।
सतनाम सिंह
पाकुड़: सपनों को मेहनत के दम पर हकीकत में बदलने की मिसाल कायम की है पाकुड़ प्रखंड के मनीरामपुर गांव के असीबुर रहमान ने। GATE-2025 की परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 529 हासिल कर पूरे जिले का मान बढ़ाया है। अब उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी-आईएसएम धनबाद में दाखिला मिल रहा है। असीबुर की सफलता से गांव में जश्न का माहौल है।
संघर्षों से संवरता गया सपना
मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले असीबुर के पिता मो. जियाउर रहमान एक किसान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। असीबुर ने गांव के सीडीसी स्कूल से शुरुआती शिक्षा ली, डीएवी पाकुड़ से 12वीं पूरी की और फिर आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की डिग्री ली। इसके बाद एक साल तक रांची में रहकर GATE की तैयारी की और मेहनत रंग लाई।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरणा
GATE जैसी कठिन परीक्षा में शानदार रैंक लाकर असीबुर अब उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपनी सफलता का श्रेय सबसे पहले अल्लाह को, फिर अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों को देता हूं। मैंने हर दिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई की और कठिन विषयों पर ज्यादा ध्यान दिया।”
गांव में हर्ष का माहौल, बधाइयों की लगी कतार
असीबुर रहमान की सफलता की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, लोग उनके घर पहुंचने लगे। शिक्षकों और अभिभावकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। कई लोगों ने कहा कि असीबुर ने साबित कर दिया कि लगन और मेहनत से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
युवाओं को दिया प्रेरणात्मक संदेश
असीबुर ने कहा, “अगर लक्ष्य तय हो, तो रास्ता खुद बनता चला जाता है। सिर्फ जरूरी है कि ईमानदारी से मेहनत करें और खुद पर विश्वास रखें। GATE जैसी परीक्षाएं कठिन जरूर होती हैं, लेकिन असंभव नहीं।

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