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May 3, 2026 10:38 pm

पाकुड़ में रबी कार्यशाला संपन्न, उपायुक्त बोले अब कृषि ‘ऑटो-पायलट मोड’ पर चलेगी।

पाकुड़ | प्रोजेक्ट गर्व के तहत शनिवार को रविन्द्र भवन टाउन हॉल में एटीएम, बीटीएम और कृषक मित्रों की जिला स्तरीय रबी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार ने जिला कृषि, सहकारिता, उद्यान एवं पशुपालन पदाधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उपायुक्त ने कहा कि इस बार शिक्षा की तरह कृषि क्षेत्र में भी पाकुड़ को शीर्ष स्थान पर पहुंचाना लक्ष्य है। जिला प्रशासन ने कृषि कार्यों को ‘ऑटो-पायलट मोड’ पर लाने की ठोस और नतीजामुखी कार्य योजना तैयार की है। डीसी ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसी भी तरह की गलत रिपोर्टिंग या आंकड़ों की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी ने सभी कृषक मित्रों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का फोटो और जियो-टैग्ड रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराएं। सॉइल हेल्थ कार्ड निर्माण, फसल क्षति आकलन, बीज-उर्वरक वितरण और क्लस्टर आधारित खेती पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया। प्रत्येक कृषक मित्र को इस माह कम से कम 20 मिट्टी नमूने एकत्र करने का लक्ष्य दिया गया है। उपायुक्त ने मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सेंटर (एमपीसी) के गठन को प्राथमिकता देने और अधिक किसानों को इसमें सदस्यता दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में मधुमक्खी पालन, सब्जी उत्पादन, टपक सिंचाई और ऑर्गेनिक फार्मिंग में अपार संभावनाएं हैं। हर कृषि मित्र अपने क्षेत्र में तकनीकी खेती और नवाचार को बढ़ावा दें। उपायुक्त ने बताया कि नवंबर माह में जिला प्रशासन सॉइल हेल्थ कार्ड परीक्षण, फसल क्षति मूल्यांकन, नए किसानों के केसीसी एनरोलमेंट और एमपीसी गठन के लिए विशेष अभियान चलाएगा, ताकि रबी सीजन की तैयारियां समय पर पूरी हो सकें। डीसी ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि शिक्षा की तरह कृषि में भी पाकुड़ राज्य का रोल मॉडल बने।

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