रामगढ़। शुक्रवार को राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर एक जागरूकता एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशीलता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना को विकसित करना था। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी एन साह ने अपनी शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा है कि स्टार्टअप केवल व्यवसाय नहीं , बल्कि नवाचार आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की सशक्त यात्रा है। सचिव प्रियंका कुमारी ने स्टार्टअप को युवाओं को सोच, कौशल और संकल्प का प्रतिबिंब है। संगठित प्रयास और सही मार्गदर्शन से ये नवाचार राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव बनते है।

कुलपति प्रो (डॉ) रश्मि ने अपने संबोधन में कहा कि स्टार्टअप संस्कृति से नवाचार को बढ़ावा मिलता है और यह आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने में सहायक है।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष नीरज करमाली ने बताया कि 16 जनवरी 2016 को प्रारंभ हुए स्टार्टअप इंडिया अभियान ने देश के युवाओं को अपने नवाचारों को व्यवसायिक रूप देने का मंच प्रदान किया है। आज स्टार्टअप न केवल आर्थिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि रोजगार सृजन और सामाजिक समस्याओं के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। विद्यार्थियों को नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया गया।
मौके पर विश्वविद्यालय कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ)अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, विभाग के अन्य व्याख्यातगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







