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February 26, 2026 11:03 pm

वन सीमावर्ती इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए जागरूकता अभियान, मुआवजा व मुफ्त कानूनी सहायता की दी गई जानकारी।

पाकुड़। नालसा नई दिल्ली एवं झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वावधान में मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच पर नालसा योजना (एचडब्ल्यूसी), 2025 को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर तथा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में यह अभियान पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत घूमापहाड़ समेत वन सीमावर्ती एवं जंगली इलाकों में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान पैरा लीगल वॉलिंटियर्स आनंद मुर्मू एवं भरत कुमार साहा ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि जंगल के आसपास रहने वाले लोग अक्सर जंगली जानवरों के हमले से घायल होने, मृत्यु अथवा संपत्ति के नुकसान जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। ऐसे पीड़ितों के लिए नालसा योजना (एचडब्ल्यूसी), 2025 के तहत मुआवजा, मुफ्त कानूनी सहायता और आवश्यक सहयोग का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि यदि मानव-वन्यजीव संघर्ष की कोई घटना घटित होती है, तो पीड़ित या उनके परिजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़, संबंधित प्रखंड के पैरा लीगल वॉलिंटियर्स अथवा प्रशासन को तुरंत सूचना दे सकते हैं, ताकि समय पर कानूनी सहायता और मुआवजा दिलाया जा सके। सचिव रूपा बंदना किरो ने योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वन सीमावर्ती क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित लोगों को त्वरित न्याय, मुआवजा और सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास उपलब्ध कराना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ पूरी तरह तत्पर है और ऐसे जागरूकता अभियान निरंतर चलाए जा रहे हैं।

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