डॉ. मनीष कुमार की अपील—परिवार,दोस्त निभाए सबसे बड़ी जिम्मेदारी।
सतनाम सिंह पाकुड़।
पाकुड़। जिले के जाने-माने चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार ने युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को गंभीर खतरा बताते हुए चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी डिजिटल प्लेटफॉर्म, सट्टेबाजी और ड्रग्स के नशे में फंसकर अपना भविष्य खुद बर्बाद कर रही है। डॉ. मनीष कुमार के अनुसार, पहले नशा शराब, बीड़ी या खैनी तक सीमित था, लेकिन अब चरस, अफीम, गांजा और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे खतरनाक नशे युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। इसका असर इतना गहरा है कि युवा मानसिक रूप से पूरी तरह नशे पर निर्भर हो जाते हैं और सही-गलत का फर्क तक भूल जाते हैं। उन्होंने बताया कि नशे की लत के कारण कई युवा चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं, सट्टेबाजी में हार के बाद बढ़ता मानसिक दबाव और धमकियां युवाओं को आत्महत्या जैसे खतरनाक कदम उठाने तक मजबूर कर रही हैं। डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि इस समस्या की जिम्मेदारी केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि सबसे पहले परिवार की है। माता-पिता, भाई-बहन, दोस्त और करीबी रिश्तेदार अगर समय रहते ध्यान दें और सही मार्गदर्शन करें, तो कई युवाओं को इस दलदल से बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता अक्सर अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर नहीं रख पाते, जिससे बच्चे धीरे-धीरे गलत संगत और नशे की ओर बढ़ जाते हैं। ऐसे में परिवार की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और पुलिस का भी मानना है कि यह समस्या अब व्यक्तिगत नहीं रही, बल्कि समाज और देश के भविष्य से जुड़ा बड़ा संकट बन चुकी है। इसके लिए कड़े कानून और सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है।
डॉक्टर मनीष कुमार की अपील।
डॉ. मनीष कुमार ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे नशे से दूर रहकर अपने करियर और जीवन को संवारें। उन्होंने कहा, जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत और अनुशासन जरूरी है, नशा नहीं। अपने माता-पिता, समाज और देश का नाम रोशन करें। गलतियां हो सकती हैं, लेकिन समय रहते संभल जाना ही समझदारी है। अगर आप खुद को सुरक्षित रखेंगे, तो आपका परिवार और आपका भविष्य भी सुरक्षित रहेगा






